काठमांडू। नेपाल के छोटे और मझोले व्यवसायी वर्तमान आर्थिक सुस्ती के कारण अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। नेपाल राष्ट्रीय व्यवसायी महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले से मुलाकात कर व्यापारिक क्षेत्र की नाजुक स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित कराया और तत्काल नीतिगत हस्तक्षेप की अपील की।
महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष नरेश कटुवाल ने व्यापारिक समुदाय की समस्याओं को साझा करते हुए कहा कि वर्तमान में व्यवसाय केवल आजीविका चलाने तक सीमित रह गया है। महासंघ ने बैंकिंग क्षेत्र की तरलता को छोटे व्यापारियों तक पहुंचाने के लिए बिना किसी गारंटी के लगभग 3 प्रतिशत ब्याज दर पर रियायती ऋण उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।
किराये के मुद्दों पर स्पष्टता की कमी को देखते हुए, व्यापारियों ने 'वैज्ञानिक किराया नीति' का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत शहरों और गांवों का वर्गीकरण कर 'स्क्वायर फीट' के आधार पर किराया निर्धारित करने की मांग की गई है, ताकि स्थानीय स्तर पर होने वाले विवादों और अनियमितताओं को समाप्त किया जा सके। वित्त मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में एमआरपी प्रबंधन और सीमा चौकियों पर आयात-निर्यात में होने वाली जटिलताओं को दूर करने के सुझाव भी शामिल हैं।
भेंट के दौरान वित्त मंत्री डॉ. वाग्ले ने आश्वासन दिया कि आगामी बजट में छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार ऐसा वातावरण तैयार करेगी जहां छोटे व्यवसायी बिना किसी प्रशासनिक बाधा के अपना काम कर सकें। साथ ही, उन्होंने नीतिगत निर्णयों में छोटे व्यवसायी संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी सहमति जताई।
महासंघ के अनुसार, यह पहली बार है जब छोटे व्यापारियों के मुद्दों को इतनी गंभीरता से सुना गया है। पिछले शासनकालों में उपेक्षित रहे 'शटर व्यवसायी' और घरेलू उद्यमियों ने उम्मीद जताई है कि वित्त मंत्री की प्रतिबद्धता बजट के माध्यम से धरातल पर उतरेगी, जिससे देश की जमीनी अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकेगी।