नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की प्रस्तावित पहली आधिकारिक भारत यात्रा को लेकर दोनों देशों के कूटनीतिक हलकों में सरगर्मी बढ़ गई है। समाचार एजेंसी राष्ट्रीय समाचार समिति (RSS) के अनुसार, 23 और 24 नवंबर के लिए प्रस्तावित इस शीर्ष स्तरीय दौरे का उद्देश्य भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और व्यापारिक संपर्क को नई गति प्रदान करना है, हालांकि आधिकारिक तिथि का ऐलान होना अभी बाकी है।

तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री 4 और 5 नवंबर को काठमांडू के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के एजेंडे, संभावित समझौतों और लंबित विकास परियोजनाओं के तेजी से कार्यान्वयन पर सहमति बनाने का प्रयास करेंगे।

काठमांडू प्रवास के दौरान विदेश सचिव मिस्री प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल, भौतिक पूर्वाधार मंत्री सुनील लम्साल और ऊर्जा मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ के साथ भी उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री शाह की इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण जनकपुरधाम से अयोध्याधाम तक सीधी ट्रेन सेवा का उद्घाटन प्रस्तावित होना है। इस ऐतिहासिक कदम से दोनों पड़ोसी देशों के बीच धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक प्रगाढ़ता और जन-जन के आपसी संपर्कों में बड़ा विस्तार होने की संभावना जताई जा रही है।

इससे पूर्व, भारतीय विदेश मंत्रालय के नेपाल डेस्क प्रमुख अतिरिक्त सचिव मनु महावर ने काठमांडू का दौरा कर विदेश मंत्री खनाल और नेपाली प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रारंभिक वार्ता की थी। वहीं, नेपाल में भारत के नवनियुक्त राजदूत सुधाकर दलेला 3 नवंबर को अपना पदभार संभालने काठमांडू पहुंच रहे हैं।

नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में बालेंद्र शाह का यह पहला भारत दौरा होगा। रणनीतिक जानकार इसे भारत-नेपाल के राजनीतिक, आर्थिक और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी संबंधों को सुदृढ़ करने के एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रहे हैं।