नेपाल के बारा जिला स्थित फेटा ग्रामीण नगरपालिका-3 में एक अधूरे स्वास्थ्य केंद्र भवन के जबरन उद्घाटन को लेकर बढ़ा विवाद हिंसक रूप ले चुका है। भवन निर्माण की गुणवत्ता और अपूर्ण कार्यों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध जता रहे स्थानीय ग्रामीणों पर प्रशासनिक बल प्रयोग के दौरान स्थानीय युवक आदित्य पासवान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

इस घटना के बाद क्षेत्रीय कूटनीतिक और राजनीतिक हलकों में आक्रोश फैल गया है। राष्ट्रीय एकता दल, बारा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रशासनिक दमन की तीखी आलोचना की है। दल के जिला अध्यक्ष अखिलेश कुशवाहा के अनुसार, सार्वजनिक संपत्तियों के निर्माण पर सवाल उठाना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन प्रशासन ने संवाद की बजाय लाठी और गोली का सहारा लेकर गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया है।

जारी विज्ञप्ति में संगठन ने सरकार से मांग की है कि घायल आदित्य पासवान के इलाज का पूरा खर्च राज्य वहन करे। इसके साथ ही, निहत्थे नागरिकों पर गोली चलाने की अनुमति देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और गोलीबारी में शामिल कर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा, दल ने स्वास्थ्य केंद्र भवन की तकनीकी जांच कराने और निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न होने के बाद ही इसे जनसेवा के लिए शुरू करने की शर्त रखी है।

नागरिकों की सुरक्षा को राज्य का प्राथमिक दायित्व बताते हुए अध्यक्ष कुशवाहा ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अपनी दमनकारी नीतियों पर रोक नहीं लगाई और मांगें पूरी नहीं कीं, तो स्थानीय जनता को एकजुट कर व्यापक जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।