हाल ही में किए गए एक व्यवहार्यता अध्ययन (feasibility study) से पुष्टि होती है कि सर्लाही चुनाव क्षेत्र संख्या ४—जहां से अमरेश कुमार सिंह ने हाल ही में प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीता है—एक कृषि क्रांति के मुहाने पर खड़ा है। बागमती नदी के पूर्व में स्थित इस क्षेत्र में विशाल खुले नदी के किनारे, अनुकूल तापमान और प्रचुर जल संसाधन मौजूद हैं।

शोधकर्ताओं का मानना है कि बागमती नदी में आने वाली वार्षिक बाढ़ को नियंत्रित करने से ये अप्रयुक्त किनारे उच्च उपज वाले कृषि क्षेत्रों में बदल जाएंगे। अध्ययन में इस विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र के लिए व्यावसायिक बकरी पालन को सबसे अधिक लाभदायक उद्यम के रूप में उजागर किया गया है। स्थानीय जलवायु बकरियों के लिए बहुत अनुकूल है, और व्यापक खुली भूमि चराई और चारा उत्पादन के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करती है।

निचले प्रवाह (downstream) की ओर, भारत में बागमती नदी पहले से ही एक प्रमुख पेयजल परियोजना को बनाए हुए है, जो इस जल स्रोत की विशाल मात्रा और विश्वसनीयता को दर्शाता है। नेपाल की ओर मजबूत नदी नियंत्रण और बाढ़ प्रबंधन तंत्र लागू करके, सर्लाही अपनी कृषि योग्य भूमि को गंभीर कटाव से सुरक्षित कर सकता है।

कृषि अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि नदी प्रबंधन को व्यावसायिक पशुपालन के साथ जोड़ने से स्थानीय आय में भारी वृद्धि होगी। बकरी पालन के लिए नदी के किनारों के सक्रिय उपयोग से हजारों नौकरियां पैदा होंगी, दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी, और सर्लाही इस क्षेत्र में एक प्रमुख पशुधन निर्यातक के रूप में स्थापित होगा। स्थानीय अधिकारी और कृषि निवेशक अब इस अपार आर्थिक क्षमता को खोलने के लिए नदी तटबंध परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर दे रहे हैं।