लुंबिनी विकास ट्रस्ट के उपाध्यक्ष पद पर बौद्ध भिक्षुणी आनी छोइंग डोल्मा (छोइंग डोल्मा लामा मोक्तान) की नियुक्ति के बाद उनकी नेपाली नागरिकता की प्रामाणिकता को लेकर कानूनी और प्रशासनिक सवाल खड़े हो गए हैं। सार्वजनिक हस्तियों की जवाबदेही और पारदर्शिता का मुद्दा उठाते हुए युवाओं के एक समूह ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।

राष्ट्रीय जेन-जी नागरिक अभियान के प्रतिनिधियों ने काठमांडू के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी (सीडीओ) कृष्ण गैरे को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और सुशासन का समर्थन करने वाले इस संगठन ने डोल्मा द्वारा वंशानुगत आधार पर प्राप्त नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल करने का आग्रह किया। ज्ञापन स्वीकार करते हुए सहायक सीडीओ गैरे ने आश्वस्त किया कि प्रशासन मामले के तथ्यों की निष्पक्ष जांच करेगा।

इस विवाद के मूल में आनी छोइंग डोल्मा के निजी दावों और आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच का विरोधाभास है। अपनी आत्मकथा फूलको आँखामा और विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर उन्होंने स्वयं स्वीकार किया है कि उनके माता-पिता तिब्बत के खाम क्षेत्र से आए थे। इसके विपरीत, सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि उन्होंने विक्रम संवत 2046 (1989-90) में तत्कालीन चपली भद्रकाली गांव विकास समिति-6 (वर्तमान बूढानीलकंठ नगरपालिका-2) के कांचा बहादुर लामा की पुत्री के रूप में वंशज के आधार पर नागरिकता प्राप्त की थी।

यह मामला तब और गंभीर हो गया जब रिकॉर्ड से पता चला कि कांचा बहादुर लामा का निधन विक्रम संवत 2039 (1982) में ही हो चुका था। विक्रम संवत 2076 के पुष (दिसंबर 2019-जनवरी 2020) में कांचा बहादुर के जैविक पुत्र प्रमाण सिंह लामा (मगई) ने अपने दिवंगत पिता के नाम पर नागरिकता जारी किए जाने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। अभियान ने इस पूर्व शिकायत पर की गई प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने का भी अनुरोध किया है।

नेपाल नागरिकता अधिनियम, 2063 की धारा 12, 14 और 21 के तहत गलत या फर्जी विवरण के आधार पर प्राप्त नागरिकता को रद्द करने और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। नागरिक कार्यकर्ताओं ने 2046 में प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच करने और झूठे साक्ष्य पाए जाने पर सख्त कानूनी कदम उठाने की मांग की है। इस जांच के नतीजे नेपाल में उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों की साख और नागरिकता सत्यापन प्रणाली की निष्पक्षता को रेखांकित करेंगे।