चीन की सरकारी कंपनियों को मिलने वाली अप्रत्यक्ष वित्तीय सुरक्षा की धारणा पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ग्वांगडोंग प्रांत के झुहाई नगर निगम के स्वामित्व वाले झुहाई हुवाफा ग्रुप के कर्ज पुनर्भुगतान संकट में फंसने से देश के कॉरपोरेट क्रेडिट मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है।

ब्लूमबर्ग द्वारा 3 नवंबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार लगभग 413 अरब चीनी युआन के ब्याज वाले दायित्वों से दबे हुवाफा ग्रुप ने दो ट्रस्ट उत्पादों का भुगतान करने में असमर्थता जताई है। इसके अलावा कंपनी ने कुछ बैंक ऋणों की परिपक्वता अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है।

रियल एस्टेट, शहरी विकास, वित्तीय सेवाओं और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में फैले इस समूह की लाभप्रदता पर चीन के संपत्ति बाजार में जारी मंदी का गहरा असर पड़ा है। बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए फिच रेटिंग्स ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को नकारात्मक निगरानी में रख दिया है।

इस घटनाक्रम का सीधा असर चीन के कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट पर पड़ा है। निवेशकों द्वारा सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों के कर्ज जोखिम का नए सिरे से मूल्यांकन करने के कारण बॉन्ड की कीमतों में गिरावट और प्रतिफल दर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

यह संकट इस लंबे समय से चले आ रहे विश्वास को चुनौती देता है कि स्थानीय सरकारी कंपनियों को हमेशा राज्य का संरक्षण प्राप्त रहता है। विश्लेषकों का मानना है कि प्रॉपर्टी मार्केट में जारी गिरावट, स्थानीय सरकारों पर कर्ज का बोझ और वित्तीय संस्थानों की कमजोरी मिलकर बड़ी सरकारी कंपनियों के वित्तीय स्थायित्व पर दबाव बना रही हैं।

हुवाफा का यह संकट महज एक अस्थायी तरलता की समस्या बनकर रह जाता है या इसे व्यापक कर्ज पुनर्गठन के रास्ते पर ले जाता है, यह देखना चीनी वित्तीय बाजार के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।