लोनी के बहुचर्चित हाजी सलमान मामले में आरोपी की रिहाई की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। गाजियाबाद की विशेष एडीजे (एससी/एसटी) अदालत में अंतिम सुनवाई से ठीक पहले सलमान के अधिवक्ता द्वारा जमानत प्रार्थना पत्र वापस ले लिए जाने के कारण उन्हें फिलहाल जिला कारागार में ही रहना पड़ेगा।

मामले की विस्तृत जानकारी के अनुसार, 05 नवंबर 2026 को न्यायाधीश जितेन्द्र मिश्रा की अदालत में जमानत याचिका पर अंतिम बहस तय की गई थी। हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व ही सलमान के अधिवक्ता ने अर्जी पर बल न देने का फैसला करते हुए याचिका वापस ले ली। बचाव पक्ष द्वारा बहस न किए जाने के चलते अदालत ने जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।

पत्रकार दीपक कुमार त्यागी की रिपोर्ट के मुताबिक, हाजी सलमान के कानूनी दल ने गत 25 अगस्त 2026 को अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया था। वादी पक्ष के अधिवक्ता चौधरी अजय वीर सिंह ने बताया कि इस याचिका पर पूर्व में भी कई तिथियों पर सुनवाई हुई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से अंतिम बहस पूरी नहीं हो सकी थी। गुरुवार को जब मामला निर्णायक बहस के स्तर पर पहुंचा, तब बचाव पक्ष ने अप्रत्याशित रूप से याचिका वापस खींच ली।

जमानत याचिका के खारिज होने के बाद हाजी सलमान की सलाखों के पीछे की अवधि बढ़ गई है। अब यह देखना होगा कि बचाव पक्ष आने वाले दिनों में क्या नया कानूनी कदम उठाता है।