नेपाल सरकार ने देश में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। रविवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक ने आगामी 5 अप्रैल (23 चैत) से सभी सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में सप्ताह में दो दिन—शनिवार और रविवार—की छुट्टी देने का निर्णय लिया है।

सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल ने बताया कि ईंधन की खपत को कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। कार्यदिवस कम होने के कारण अब कार्यालय का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस समय परिवर्तन का उद्देश्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करना और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देना है।

आर्थिक मोर्चे पर, सरकार ने देश के डिजिटल और वित्तीय ढांचे को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऋण समझौतों पर मुहर लगा दी है। 'डिजिटल नेपाल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट' के लिए एशियाई विकास बैंक से 40 मिलियन और विश्व बैंक से 50 मिलियन डॉलर सहित कुल 90 मिलियन डॉलर का रियायती ऋण स्वीकार किया गया है। साथ ही, समावेशी वित्त परियोजनाओं के लिए विश्व बैंक से 95 मिलियन डॉलर के अन्य ऋण को भी मंजूरी दी गई है।

पर्यावरण और आधुनिक तकनीक की दिशा में बढ़ते हुए, सरकार ने अब डीजल और पेट्रोल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के लिए आवश्यक कानूनी ढांचा तैयार करने का फैसला किया है। इसी बैठक के दौरान राष्ट्रीय समाचार समिति (RSS) के कार्यकारी अध्यक्ष धर्मेंद्र झा का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया गया।

प्रशासनिक सुधारों के तहत, सभी मंत्रालयों और आयोगों के संगठन और प्रबंधन सर्वेक्षण (O&M survey) के लिए प्रारंभिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, शिक्षा मंत्रालय के प्रस्ताव पर सरकार ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2083 (विक्रम संवत) को 28 अप्रैल 2026 से शुरू करने का निर्णय लिया है।

सरकार के ये निर्णय तात्कालिक ऊर्जा संकट के समाधान और भविष्य के डिजिटल नेपाल के निर्माण की दिशा में एक संतुलित प्रयास के रूप में देखे जा रहे हैं।