नेपाल के शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच सोमवार को 'स्टक ब्रोकर एशोसिएशन अफ नेपाल' के एक प्रतिनिधिमंडल ने सिंहदरबार में वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूंजी बाजार की मौजूदा चुनौतियों का समाधान करना और ठप पड़े सुधार कार्यों को गति देना था।

ब्रोकर्स ने वित्त मंत्री के समक्ष अपनी मांगों को रखते हुए कहा कि वर्ष 2018 से अटके हुए 'सेटलमेंट गारंटी फंड' को तत्काल प्रभावी बनाया जाए। इसके अलावा, उन्होंने बाजार को सुरक्षित बनाने के लिए 'ऑक्शन मार्केट' शुरू करने की अपील की, ताकि शेयर ट्रांसफर न होने पर निवेशकों को लगने वाले भारी जुर्माने से बचाया जा सके। ब्रोकर्स ने सुझाव दिया कि गैर-आवासीय नेपालियों (NRNs) को दूसरे बाजार में प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए और शेयर खरीदने के बाद लागू 6 महीने की बिक्री पाबंदी को हटाया जाना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने बाजार में फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग निजी हितों के लिए अफवाहें फैला रहे हैं, जिससे छोटे निवेशक डरे हुए हैं। उन्होंने वित्त मंत्री से आग्रह किया कि आगामी बजट में पूंजीगत लाभ कर (CGT) को ही अंतिम कर के रूप में स्पष्ट किया जाए ताकि निवेशकों का भरोसा बढ़े।

डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने ब्रोकर्स की चिंताओं को ध्यान से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार निजी क्षेत्र के प्रति मित्रवत दृष्टिकोण रखती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन किसी के खिलाफ प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई नहीं होगी। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि आगामी बजट 1991 के ऐतिहासिक सुधारों की तरह ही देश की अर्थव्यवस्था के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। उन्होंने निवेशकों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की, साथ ही नेपाल को 'ग्रे लिस्ट' से बाहर निकालने के लिए सुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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