वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने 'नेपाल की वर्तमान आर्थिक स्थिति 2083' पर एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसमें देश के आर्थिक ढांचे में बड़े सुधारों की वकालत की गई है। इस श्वेत पत्र के अनुसार, पिछले एक दशक में नेपाल की औसत आर्थिक विकास दर केवल 4.2% रही है, जो पड़ोसी देशों की तुलना में काफी कम है।
रिपोर्ट का एक मुख्य विश्लेषण यह है कि नेपाल की अर्थव्यवस्था बिना औद्योगीकरण के ही सीधे सेवा क्षेत्र पर निर्भर हो गई है। वर्तमान में सेवा क्षेत्र का योगदान बढ़कर 62% हो गया है, जबकि औद्योगिक क्षेत्र महज 12.8% पर सिमट गया है। कृषि क्षेत्र, जिस पर 62% आबादी निर्भर है, उसकी उत्पादक क्षमता दक्षिण एशियाई औसत से काफी नीचे है।
दस्तावेज़ में यह भी बताया गया है कि नेपाल ने बिजली उत्पादन में 4,105 मेगावाट तक की वृद्धि की है, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी के कारण सूखे के मौसम में अभी भी बिजली आयात करनी पड़ती है। इसके अलावा, देश में 12.6% की बेरोजगारी दर और हर साल लाखों युवाओं का विदेश पलायन अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है।
वित्त मंत्री वाग्ले ने निष्कर्ष निकाला है कि राजस्व संग्रह की चुनौतियों और निवेश की कमी को दूर करने के लिए निजी क्षेत्र को सशक्त बनाना और उत्पादन-न्मुखी सुधार करना अब अनिवार्य हो गया है।