धार्मिक चेतना के अभाव और राजनीतिक स्वार्थों के कारण उपेक्षित हो रहे धर्मरक्षकों को एक प्रभावी मंच प्रदान करने के उद्देश्य से श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने डासना स्थित प्राचीन शिवशक्ति धाम में हिंदू संगठनों का व्यापक पुनर्गठन किया है।

1 नवंबर 2026 को आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने कहा कि धर्म के प्रति अज्ञानता के चलते नेतृत्व में स्वार्थी तत्व हावी हुए हैं। वर्तमान में जाति आधारित अधिकतर संगठन केवल राजनीतिक हितों की पूर्ति तक सीमित रह गए हैं, जिससे सच्चे धर्मरक्षकों को अपमान और अकेलेपन का सामना करना पड़ता है। इसी परिस्थिति को बदलने के लिए धर्म आधारित नई संरचना की नींव रखी गई है।

पुनर्गठन के तहत महामंडलेश्वर ने हिंदू बचाओ मोर्चा की कमान अपने शिष्य यति महादेवानंद गिरी को सौंपते हुए उन्हें नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया। इसके साथ ही विभिन्न जातियों के धर्मरक्षकों को एक सूत्र में पिरोने के लिए 'अखिल भारतीय धर्मरक्षक अजगर महासंघ' का गठन किया गया, जिसके अंतर्गत चार प्रमुख घटक शामिल किए गए हैं।

संरचनात्मक व्यवस्था के अनुसार जाट महासभा का संयोजन यति महादेवानंद गिरी, यादव महासभा का दायित्व अनिल यादव छोटे नरसिंहानंद, गुर्जर महासभा का प्रभार मोहित बजरंगी तथा क्षत्रिय महासभा का नेतृत्व गुलशन किशोर चौहान को सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त त्यागी समाज और सैनी समाज के लिए पृथक इकाइयों का गठन करते हुए क्रमशः महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी और राजू सैनी को जिम्मेदारी दी गई है।

पोपल गुर्जर, सचिन सिरोही, बॉबी पंडित, ज्योति त्यागी और तनु शर्मा सहित कई सामाजिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में धर्म सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। नवगठित इकाइयां अब अपने-अपने वर्गों में धर्मरक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं को संगठित करने की दिशा में कार्य शुरू करेंगी।