ललितपुर — नेपाली कांग्रेस के महामंत्री उदयशमशेर राणा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार पार्टी अध्यक्ष गगनकुमार थापा के खिलाफ प्रतिशोध की कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास करती है, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।
नेपाली कांग्रेस क्षेत्र संख्या 1 ललितपुर द्वारा बज्रबाराही में आयोजित स्वच्छता एवं पौधारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राणा ने आरोप लगाया कि सरकार की गतिविधियां लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और नागरिक अधिकारों के विपरीत हैं।
उदयशमशेर राणा ने कहा, "यदि सरकार अध्यक्ष गगनकुमार थापा के खिलाफ कोई गलत कदम उठाती है, तो कांग्रेस मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगी। हम ऐसे किसी भी कदम का दृढ़ता से विरोध करेंगे।"
राणा ने दावा किया कि बिचौलिए इनम सापकोटा के बयान को आधार बनाकर अध्यक्ष थापा को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार द्वारा किसी भी बदले की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराने की चेतावनी देते हुए उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट होने का आह्वान किया।
'गैरकानूनी गिरफ्तारी से इनकार पर हटाए गए आईजीपी'
महामंत्री राणा ने आरोप लगाया कि सरकार ने नेपाल पुलिस के महानिरीक्षक (आईजीपी) दानबहादुर कार्की पर लोगों को गैरकानूनी रूप से गिरफ्तार करने का दबाव बनाया था। उन्होंने दावा किया कि नापसंद व्यक्तियों, राजनीतिक नेताओं, व्यवसायियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी कर धरपकड़ की कोशिश की गई, जिसके लिए पुलिस नेतृत्व का इस्तेमाल करने का प्रयास हुआ।
राणा के अनुसार, आईजीपी कार्की ने जब गैरकानूनी गिरफ्तारियां करने से इनकार कर दिया, तो सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा निकायों का राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
राणा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की ओर से वालेंद्र शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद सरकार की गतिविधियां अधिक विवादित होती जा रही हैं। हाल के दिनों में व्यवसायियों, राजनीतिक नेताओं और कर्मचारियों के खिलाफ व्यापक धरपकड़ का आरोप लगाते हुए उन्होंने राज्य शक्ति के दुरुपयोग को रोकने की आवश्यकता पर बल दिया।
सरकार पर मीडिया क्षेत्र में दबाव और हस्तक्षेप बढ़ाने का आरोप लगाते हुए राणा ने कुछ दिनों पहले एक मीडिया संस्थान में पुलिस भेजकर पत्रकारों को गिरफ्तार किए जाने की घटना का विरोध किया और प्रेस तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने करीबी लोगों के माध्यम से न्यायपालिका को भी प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। राज्य के प्रमुख अंगों को नियंत्रण में लेने का प्रयास लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती है। प्रधानमंत्री पर तानाशाही प्रवृत्ति लागू करने का आरोप लगाते हुए राणा ने कहा कि इसके विरोध में सभी जागरूक नागरिकों के सड़कों पर उतरने की स्थिति आ गई है। उन्होंने लोकतंत्र, कानून के शासन और नागरिक अधिकारों के पक्षधर सभी राजनीतिक बलों और नागरिकों से एकजुट होने की अपील की।