बिचौलिए इनाम सापकोटा प्रकरण में पुलिस हिरासत के दौरान दिए गए बयानों से सामने आए वित्तीय विवाद और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए हुए ठेके-पट्टों की जांच के बीच नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन कुमार थापा की संभावित गिरफ्तारी को लेकर राष्ट्रीय राजनीति में भारी हलचल और सरगर्मी पैदा हो गई है।
पुलिस हिरासत में मौजूद बिचौलिए इनाम सापकोटा से जुड़े बयान और ऑडियो सार्वजनिक होने के बाद राज्य के विभिन्न अंगों में खलबली मच गई है। विशेष महाधिवेशन के जरिए पार्टी की आधिकारिकता सुलझाने के क्रम में 18 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन और सांठगांठ के आरोप सामने आने के बाद काठमांडू के सत्ता के गलियारों में गर्मी बढ़ गई है। प्रत्यक्ष चुनाव में 18 सीटें जीतकर संसद में कमजोर उपस्थिति वाली नेपाली कांग्रेस के भीतर इस घटनाक्रम ने गंभीर आंतरिक संकट और विवाद खड़ा कर दिया है। इसके साथ ही, गगन थापा के स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद और ठेका प्रबंधन की पुरानी फाइलों पर भी पुलिस और जांच एजेंसियों ने सूक्ष्म अध्ययन शुरू कर दिया है, जिसके आधार पर संभावित गिरफ्तारी की तैयारियां की जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इसी पृष्ठभूमि में, जन-जेड (Gen-Z) आंदोलन के बाद से सीपीएन (यूएमएल) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली से मिलने में अनिच्छुक रहे कांग्रेस अध्यक्ष थापा की मंगलवार को ओली के साथ हुई अचानक मुलाकात को बेहद अर्थपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ पार्टी आधिकारिकता विवाद में 18 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़ा ऑडियो टेप सामने आना और तुरंत नए पुलिस प्रमुख की नियुक्ति होना, तो दूसरी तरफ ओली और थापा के बीच बातचीत होना राजनीतिक घेराबंदी और सत्ता समीकरण की नई रणनीति की ओर इशारा करता है।
नेपाल पुलिस को नया नेतृत्व मिलने के साथ ही संभावित धरपकड़ या कानूनी कार्रवाई की आशंका बढ़ने पर नेपाली कांग्रेस के भीतर अध्यक्ष थापा के बचाव और सरकारी कदम का विरोध करने के लिए आंतरिक विचार-विमर्श और आपातकालीन बैठकें आयोजित की जाने लगी हैं। हालांकि, अध्यक्ष थापा और उनके सचिवालय ने इनाम सापकोटा या किसी भी बिचौलिए के साथ किसी भी तरह के संबंध, संपर्क या लेनदेन से साफ इनकार किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार राजनीतिक प्रतिशोध साधने और अन्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सुनियोजित तरीके से गिरफ्तारी की अफवाहें फैला रही है।