दशहरा, तिहाड़ और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के समापन के तुरंत बाद नेपाल में सड़क आंदोलन की तैयारियों और राजनीतिक समीकरणों की सरगर्मी तेजी से बढ़ गई है। इसी पृष्ठभूमि में बीते कल सरकार ने नेपाल पुलिस के प्रमुख (आईजीपी) में फेरबदल करते हुए दान बहादुर कार्की को हटाकर डॉ. मनोज केसी को नया पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया है। पुलिस नेतृत्व में हुए इस अप्रत्याशित फेरबदल और त्योहारों के बाद बने आंदोलन के माहौल के बीच शीर्ष राजनीतिक नेताओं की भागदौड़ और बैठकें तेज हो गई हैं।
इसी क्रम में नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन कुमार थापा और सीपीएन (यूएमएल) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली के बीच एक विशेष मुलाकात हुई। यद्यपि बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच संभावित सड़क आंदोलन और बदलते राजनीतिक परिदृश्य को लेकर बातचीत हुई, लेकिन गुप्त सूत्रों के अनुसार राजनीतिक गलियारों में सभापति गगन थापा को किसी मामले में गिरफ्तार करने की तैयारी और चर्चा जोर पकड़ रही है। सरकार के संभावित कड़े कदम और सभापति थापा की गिरफ्तारी की चर्चा ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।
इस बीच, सरकार की संभावित कार्रवाई और रणनीति पर कड़ी आपत्ति जताते हुए नेपाली कांग्रेस के सह-महामंत्री अजय बाबू शिवाकोटी ने सरकार को खुली चुनौती दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा, "सरकार, तुम्हारे डर और फैलाए भ्रम से हम विचलित नहीं होंगे, पुलिस लगाकर ढूंढने की जरूरत नहीं है, मैं काठमांडू आ रहा हूं।" सह-महामंत्री शिवाकोटी के इस बयान ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश और सरकार के प्रति अविश्वास को और बढ़ा दिया है।
इस तरह के चौतरफा राजनीतिक घटनाक्रम, सुरक्षा निकायों में फेरबदल और संभावित टकराव के माहौल के बीच नेपाली कांग्रेस ने नए निर्वाचित पदाधिकारियों की एक अनौपचारिक बैठक बुलाई है। पार्टी कार्यालय के कार्यवाहक मुख्य सचिव कृष्ण प्रसाद दुलाल ने जानकारी दी कि बृहस्पतिवार दोपहर 3 बजे सानेपा स्थित पार्टी केंद्रीय कार्यालय में अनौपचारिक बैठक आयोजित की जा रही है। कार्यवाहक मुख्य सचिव दुलाल ने कहा, "दोपहर 3 बजे काठमांडू में उपलब्ध पदाधिकारियों की अनौपचारिक बैठक बुलाई गई है, जिसमें समसामयिक राजनीति पर चर्चा होगी।"
पार्टी के उपाध्यक्ष मधु आचार्य के अनुसार, इस बैठक में समसामयिक राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ नए निर्वाचित पदाधिकारियों के कार्य विभाजन पर भी गहन चर्चा की जाएगी। गत 18 से 23 आश्विन तक संपन्न 15वें महाधिवेशन से निर्वाचित नई कार्यसमिति के पदाधिकारियों का कार्य विभाजन अब तक नहीं हो सका है। एक तरफ पार्टी के आंतरिक कार्य विभाजन को अंतिम रूप देने की जल्दी और दूसरी तरफ सरकार की संभावित राजनीतिक घेराबंदी तथा सभापति थापा की गिरफ्तारी की चर्चा ने नेपाली कांग्रेस के भीतर और पूरी राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है।