आगामी किसान आंदोलनों की रूपरेखा को अधिक आक्रामक बनाने का संकेत देते हुए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ऐलान किया है कि अगले आंदोलन के दौरान दिल्ली के चारों ओर स्थित केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे को पूरी तरह ठप करके राष्ट्रीय राजधानी का घेराव किया जाएगा। 02 नवंबर 2026 को गाजियाबाद कोर्ट परिसर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि 22 जनवरी 2021 के बाद से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के मुद्दे पर सरकार ने किसानों से कोई बातचीत नहीं की है। उन्होंने रेखांकित किया कि अब युवाओं (जेन जी) और विपक्षी दलों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जन-आंदोलन की कमान संभाली है।
विपक्षी राजनीतिक दलों को रणनीतिक परामर्श देते हुए टिकैत ने सुझाव दिया कि वोट चोरी के विरोध में अब देश के प्रत्येक राज्य में विशाल रैलियों का आयोजन किया जाना चाहिए। वे वर्ष 2014 के एक पुराने मामले में गाजियाबाद स्थित विशेष न्यायालय (एमपी/एमएलए कोर्ट) के न्यायाधीश निशांत मान की अदालत में पेशी के लिए आए थे। उनके अधिवक्ता चौधरी अजय वीर सिंह के अनुसार, वकीलों की हड़ताल के कारण मामले में अदालती कार्रवाई स्थगित रही और सुनवाई के लिए अगली तिथि 12 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। इस दौरान उनके साथ भाकियू जिलाध्यक्ष चौधरी बिजेंद्र सिंह, चौधरी राम कुमार सिंह दुहाई और महेश यादव बम्हैटा भी उपस्थित रहे।
कृषि अर्थव्यवस्था और लागत के प्रश्न पर टिकैत ने मांग की कि फसलों में बढ़ती लागत को देखते हुए सरकार को गन्ने का मूल्य कम से कम साढ़े पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल तय करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में वाहनों और पराली से होने वाले प्रदूषण के दावों को खारिज करते हुए कहा कि किसान अब खेतों में पराली नहीं जलाते, क्योंकि उनकी पराली खेतों से ही बिक जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में वास्तविक प्रदूषण बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों और बड़े पैमाने पर चल रहे निर्माण कार्यों से फैल रहा है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि सरकार जयंत चौधरी को कृषि मंत्री बनाती है, तब भी किसान संगठन उनसे कृषि संकट और किसानों के ज्वलंत सवालों पर खुलकर सवाल पूछेंगे। 12 नवंबर को अगली अदालती सुनवाई के साथ-साथ टिकैत द्वारा घोषित केएमपी एक्सप्रेसवे की नाकेबंदी की रणनीति आगामी दिनों में सरकार और किसान संगठनों के बीच नए टकराव या वार्ता के रास्ते तय कर सकती है।